Skip to content

धर्म

यदि इस पाठ्यक्रम में आप एक संस्कृत शब्द ठीक से सीखें, तो यही सीखिए। धर्म हिंदू नैतिक चिंतन की कीली है, और उसका लगभग हर अंग्रेज़ी अनुवाद किसी न किसी दिशा में ग़लत है।

कोश का पहला अर्थ है जो स्थापित या दृढ़ है, अटल विधान, नियम, व्यवस्था, विधि। फिर: प्रयोग, आचरण, प्रथा, विहित कर्तव्य। फिर: न्याय, औचित्य। फिर: सद्गुण, नैतिकता, धर्म, पुण्य, सत्कर्म। यह शब्द उस धातु पर बना है जिसका अर्थ है धारण करना, थामना, सँभालना।

अर्थात् मूल चित्र भक्तिपरक नहीं, संरचनात्मक है। धर्म वह है जो किसी वस्तु को वही बनाए रखता है जो वह है, और समग्र को ढहने से रोकता है। आगे जो कुछ आता है — कर्तव्य, सद्गुण, विधि, औचित्य — वह इसी का विशेष रूप है।

Month 1

धर्म

मास 1 · पाठ 13। वह शब्द जिसका अनुवाद प्रायः 'धर्म' यानी रिलिजन किया जाता है, पर जिसका अर्थ रिलिजन नहीं है। उसका अर्थ है क्या — और महाभारत उसे सूक्ष्म क्यों कहता है।

4 min

यह पाठ सदस्यता का है। पहले छह पाठ हमेशा निःशुल्क रहेंगे। सदस्यता में पाठ 07 से आगे के पाठ शामिल हैं, और नए पाठ भी जैसे-जैसे प्रकाशित हों।

सदस्यता

50% शुरुआती मूल्य

₹49 / माह₹99

1 दिसंबर से ₹99 / माह

शुरुआती मूल्य 30 नवंबर 2026 तक

सदस्यता में पाठ 07 से आगे के पाठ शामिल हैं, और नए पाठ भी जैसे-जैसे प्रकाशित हों।